New Delhi : आज लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया जाएगा, जिसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है. BJP और उसके सहयोगी दल विधेयक के समर्थन में पूरी तरह से लामबंद हो चुके हैं, जबकि विपक्षी दलों ने इसे लेकर अपनी रणनीति तैयार कर ली है और इसे रोकने के लिए पूरी ताकत झोंकने का फैसला किया है.
BJP और सहयोगी दलों की रणनीति
विधेयक पर बहस शुरू होने से पहले BJP ने अपने सभी सांसदों को उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी कर दिया है. NDA के सहयोगी दल जैसे नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान ने विधेयक का समर्थन किया है. सरकार ने विधेयक में कुछ संशोधन किए हैं, जिन्हें सहयोगी दलों की चिंताओं को दूर करने के लिए शामिल किया गया है. लोकसभा में इस विधेयक पर आज दोपहर 12 बजे बहस शुरू होगी, जिसके लिए सरकार को चार घंटे का समय दिया गया है, जबकि NDA को चार घंटे 40 मिनट मिलेंगे. कुल मिलाकर 8 घंटे की चर्चा तय की गई है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर यह समय बढ़ाया भी जा सकता है. BJP के प्रमुख वक्ता जैसे अनुराग ठाकुर, जगदंबिका पाल और रविशंकर प्रसाद इस विधेयक पर अपनी राय रखेंगे.
विपक्ष का विरोध
विपक्षी दलों ने इस विधेयक के खिलाफ अपनी आवाज उठाने का निर्णय लिया है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि यह विधेयक संविधान के खिलाफ है. कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट कहा है कि विपक्ष इसका कड़ा विरोध करेगा. आरजेडी ने भी विधेयक के खिलाफ वोटिंग करने का निर्णय लिया है, और पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव तथा तेजस्वी यादव ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया है. इस विधेयक को लेकर मुस्लिम नेताओं के बीच भी मिलेजुले रुख देखने को मिल रहे हैं. कुछ मुस्लिम संगठनों ने इसका समर्थन किया है, जबकि कुछ अन्य इसका विरोध कर रहे हैं.
संख्याबल और राज्यसभा में चुनौती
लोकसभा में NDA के पास 293 सांसद हैं, जबकि विपक्षी गठबंधन के पास 235 सांसद हैं. हालांकि, अगर टीडीपी और जेडीयू जैसे दल इस विधेयक के विरोध में आते, तो विपक्ष का संख्याबल बढ़ सकता था, लेकिन दोनों दलों ने इस विधेयक का समर्थन करने का निर्णय लिया है. राज्यसभा में भी NDA के पास बहुमत होने की संभावना है, जहां कुल 245 सदस्य हैं और NDA के पास 125 सदस्य हैं. विधेयक को लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा में पेश किया जाएगा.
चर्चाओं के बीच एकजुटता और विरोध
विधेयक को लेकर संसद में होने वाली बहस के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच संघर्ष तीव्र हो सकता है. विपक्ष ने विधेयक को असंवैधानिक और विभाजनकारी करार देते हुए इसे रोकने की कोशिश की है. कांग्रेस ने इस विधेयक को “विभाजनकारी” बताते हुए इसकी आलोचना की है, जबकि सरकार इसे मुस्लिम समाज के हित में एक सुधारात्मक कदम मानती है. आज का दिन लोकसभा के लिए महत्वपूर्ण होगा, और यह देखना होगा कि क्या विधेयक बिना किसी रुकावट के पारित होता है, या फिर संसद में भारी हंगामा देखने को मिलता है.
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