New Delhi : मोदी सरकार का वक्फ संशोधन बिल 2025 राज्यसभा से भी पास हो गया है, जिससे यह कानून बनने के एक कदम और करीब आ गया है. इस बिल को लेकर दिन-रात की चर्चा और विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद सरकार ने अपनी स्थिति मजबूत रखी. शुक्रवार तड़के, 4 अप्रैल 2025 को हुई वोटिंग में वक्फ संशोधन बिल के पक्ष में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े. राज्यसभा में 13 घंटे से ज्यादा समय तक चली गर्मागर्म बहस के बाद इस बिल को मंजूरी मिल गई, और संसद ने इस पर अपनी मुहर लगा दी. अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह कानून के रूप में लागू हो जाएगा.
विरोध और समर्थन की सख्त लकीरें
विपक्षी दलों ने इस बिल का जोरदार विरोध किया और इसे मुस्लिम विरोधी और असंवैधानिक करार दिया. उनका कहना था कि इस विधेयक का उद्देश्य मुसलमानों की संपत्तियों को कब्जे में लेकर निगमों को सौंपना है. वहीं, सरकार ने इसका जवाब देते हुए कहा कि यह विधेयक अल्पसंख्यक समुदाय के लिए ऐतिहासिक सुधार है और इससे किसी भी मुसलमान को नुकसान नहीं होगा. केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों का शामिल करना केवल इस बोर्ड की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाएगा.
संसद में उठी तीखी बहस
राज्यसभा में वक्फ बिल को लेकर जोरदार बहस हुई. किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे मुस्लिम समुदाय को इस विधेयक से डराने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक में सभी हितधारकों की राय को शामिल किया गया है और यह सुधार सभी समुदायों के लिए फायदेमंद होगा. राज्यसभा में करीब 1 बजे बिल पेश किया गया और इसके बाद सभी सांसदों ने अपनी-अपनी राय रखी. इसके बाद देर रात तक जारी रही बहस और वोटिंग के बाद यह बिल पास हो गया.
राज्यसभा में वोटिंग
वोटिंग के दौरान सभापति जगदीप धनखड़ ने भी भाग लिया, और जब उन्हें वोट डालने से रोका गया, तो उन्होंने कहा कि यह उनका अधिकार है और वे अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे. अंत में, वक्फ संशोधन बिल 2025 को 128 वोटों के पक्ष में पास किया गया, जबकि विरोध में 95 वोट पड़े.
अगला कदम: राष्ट्रपति की मंजूरी
अब, इस बिल को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है. इसके बाद यह कानून की शक्ल ले लेगा और वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली में सुधार होगा. संसद ने इस विधेयक को मंजूरी देकर एक नया अध्याय रच दिया है, जिसमें वक्फ बोर्ड की संरचना में सुधार किए गए हैं और अधिक धर्मनिरपेक्षता की दिशा में कदम बढ़ाया गया है. वक्फ संशोधन बिल 2025, जो पहले लोकसभा से पास हुआ था, अब राज्यसभा से भी पारित हो गया है. विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद मोदी सरकार ने इस बिल को बहुमत से पास कराया. अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद यह कानून बन जाएगा.
Also Read : लाठीचार्ज में जवान युवक की मौ’त के बाद बवाल, आज बोकारो बंद