Bhojpur : बिहार के भोजपुर जिले के हरिगांव में स्थित श्री बाणखण्डितनाथ शिव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है. यह मंदिर अपनी चमत्कारी शक्तियों के लिए प्रसिद्ध है, जहां भक्तों की हर मनोकामना पूरी होने की बात कही जाती है. इस मंदिर की मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने द्वापर युग में इस शिवलिंग की स्थापना की थी.
मंदिर को लेकर कई पौराणिक मान्यताएं प्रचलित हैं. कहा जाता है कि जब बाणासुर और भगवान श्रीकृष्ण के बीच भयंकर युद्ध हुआ था, तो श्रीकृष्ण ने अपने पोते प्रद्युम्न को बचाने के लिए यहां भगवान शिव की स्थापना की थी. इस स्थान को बाणखण्डितनाथ इसलिए कहा जाता है क्योंकि बाणासुर के छोड़े गए तीर यहां आकर खंडित हो जाते थे.
पूरी होती है मनोकामना
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है. एक महिला ने बताया कि उन्होंने यहां बेटे की नौकरी के लिए मन्नत मांगी थी. कुछ सालों बाद बेटे को सरकारी नौकरी मिल गई और बहू भी टीचर बन गई. इसके बाद उन्होंने मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना शुरू कर दी.
दीवार पर कैथी लिपि में शिलालेख अंकित
मंदिर परिसर के अंदर शिवलिंग के अलावा भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, श्रीकृष्ण, राधा और हनुमान जी की प्राचीन मूर्तियां स्थापित हैं. इन पर अद्भुत कलाकृतियां उकेरी गई हैं. मंदिर परिसर में एक पुराना कुआं भी मौजूद है, जिसकी दीवार पर कैथी लिपि में शिलालेख अंकित है. इससे यह साबित होता है कि मंदिर का इतिहास काफी पुराना है.
CM नीतीश ने किया था दर्शन
जब 2008 में CM नीतीश कुमार यहां दर्शन के लिए आए थे. तब पुरातत्व विभाग की टीम ने शिवलिंग की कार्बन डेटिंग कराई थी. लेकिन मशीन भी शिवलिंग की वास्तविक उम्र का पता नहीं लगा पाई. इससे इसकी प्राचीनता और रहस्यमय शक्ति का अंदाजा लगाया जा सकता है.
कई बड़े नेताओं ने किये हैं दर्शन
भोजपुर जिले का यह प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था, पौराणिक मान्यताओं और चमत्कारी शक्तियों का संगम है. जो भी यहां सच्चे मन से प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है. यही कारण है कि यह मंदिर न सिर्फ बिहार, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री आरके सिंह, भगवान सिंह कुशवाहा जैसे बड़े नेता इस दिव्य स्थल के दर्शन कर चुके हैं.
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