Johar Live Desk : संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि AI आने वाले समय में दुनिया भर में 40% नौकरियों को प्रभावित कर सकती है। इससे एक ओर काम की उत्पादकता बढ़ेगी, लेकिन दूसरी ओर बहुत से लोग अपनी वर्तमान नौकरी खो सकते हैं या उन्हें नई नौकरी ढूंढनी पड़ सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी AI से जुड़ा बुनियादी ढांचा और विशेषज्ञता केवल कुछ चुनिंदा देशों तक सीमित है। लेकिन भारत और चीन जैसे विकासशील देश, जिनकी जनसंख्या बहुत अधिक है, इस तकनीक से बड़ा फायदा उठा सकते हैं।
यूएन की रिपोर्ट में 170 देशों की AI के लिए तैयारी की रैंकिंग दी गई है । इसमें भारत 36वें स्थान पर है, जो तीन साल पहले से 12 पायदान ऊपर आया है । इसका मतलब है कि भारत AI को अपनाने और उसमें निवेश के मामले में आगे बढ़ रहा है।
भारत में AI पर ज़ोर
भारत में लगभग 1.3 करोड़ डेवलपर्स हैं, जो AI के क्षेत्र में बड़ी ताकत बन सकते हैं । 2024 में भारत सरकार ने AI मिशन को मंज़ूरी दी है, जिसका मकसद AI से जुड़े इनोवेशन को बढ़ावा देना और अधिक लोगों को इसमें शामिल करना है।
आपको बात दे कि 2023 में अमेरिका ने AI पर सबसे ज्यादा, यानी 67 बिलियन डॉलर निवेश किया, जो दुनिया के कुल निवेश का लगभग 70% था। चीन ने 8 बिलियन डॉलर और भारत ने करीब 1.5 बिलियन डॉलर का निवेश किया । रिपोर्ट के अनुसार 2033 तक AI का ग्लोबल मार्केट 4.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। ऐसे में भारत की भूमिका अहम हो सकती है।
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