बिहार: बिहार में लगातार गिर रहे पुल और ब्रिज की जांच की मांग को लेकर दायर याचिका का सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट ट्रांसफर कर दिया है. अब तक 300 पुल गिर चुके है। कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट से स्पीडी सुनवाई करने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से इस केस से संबंधित सभी फ़ाइल को तीन सप्ताह के भीतर पटना हाई कोर्ट भेजने का निर्देश दिया है. पटना हाई कोर्ट 14 मई को सुनवाई करेगा.
अध्यक्षता वाली पीठ ने बिहार सरकार को लगाई फटकार
सीजेआई संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि आपने अपने हलफनामे में पुल गिरने की बात खुद लिखी है. वही कोर्ट ने एन एच आई कि ओर से पेश वकील से कहा कि लापरवाही बरतने पर आपने कुछ लोगों को निलंबित किया, लेकिन वो फिर वापस आ गए. यह याचिका बिहार के रहने वाले वकील ब्रजेश सिंह ने दायर की है. याचिका में बिहार सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि राज्य में सभी मौजूदा और निर्माणाधीन पुलो का ऑडिट कराने की मांग की गई है.
बिहार में पुल ढहने की घटनाओं को लेकर याचिकाकर्ता
राज्य में पुल ढहने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पुराने और कमजोर पुल या तो गिराए जाए या फिर से उसका निर्माण कराया जाए. याचिकाकर्त ने कहा कि दो साल के भीतर तीन बड़े निर्माणाधीन पुल और बड़े माध्यम और छोटे पुलों की ढहने की कई अन्य घटनाएं हुई है. उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में कुछ लोगों की मौत हो गई और कई घायल भी हुए. उन्होंने कहा कि भविष्य में सरकार की घोर लापरवाही और ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों के भ्र्ष्ट गठजोड़ के कारण और भी घटनाएं हो सकती है.
बाढ़ जैसे इलाकों में लगातार गिर रहे हैं पुल
याचिका में सिवान, मधुबनी, किशनगंज और अन्य की घटनाओं का उल्लेख है. याचिकाकर्ता के मुताबिक यह बहुत चिंता की बात है कि बाढ़ जैसे इलाकों में लगातार पुल गिर रहे हैं. बिहार में पुलों की गिरने की ऐसी घटनाएं सही नहीं है. इसलिए सुप्रीम कोर्ट तत्काल कदम उठाए.
बिहार में पुलों की वास्तविक समय निगरानी रखी जाए
बिहार में निर्मित, पुराने और निर्माणाधीन पुलों की वास्तविक समय निगरानी के लिए उचित नीति या तंत्र बनाने का निर्देश दिया जाए. बिहार के क्षेत्र में आने वाले पुलों के लिए सेंसर का उपयोग करके पुलों की मजबूती की निगरानी के लिए एक अनिवार्य दिशानिर्देश के रूप में जारी किया जाए. एक कुशल स्थायी निकाय बनाने का निर्देश दिया जाए, जिसमें संबंधित दायर से उच्च स्तरीय विशेषज्ञ शामिल हों या बिहार में सभी मौजूदा और निर्माणाधीन पुलों की निरंतर निगरानी और राज्य में सभी मौजूदा पुलों के स्वास्थ्य पर व्यापक डेटाबेस बनाया जाए.
एक दिन में सिवान में तीन पुल ध्वस्त
एक दिन में सिवान में तीन पुल ध्वस्त हो गए. वही छपरा में दो पुल ध्वस्त हो गया. सिवान में पुल टूटने की पहली घटना महराजगंज अनुमंडल के देवरिया गांव में घटी. जहां गंडक नदी पर बना पुल का एक पिलर धंस गया और पुल टूट गया. बताया जा रहा है कि यह पुल 40 साल पुराना था. याचिकाकर्ता ने बिहार के मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, पथ निर्माण, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष, सचिव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय सहित अन्य को पार्टी बनाया है. बता दें कि 18 जून को अररिया में 12 करोड़ की लागत से बकरा नदी के ऊपर बना रहा पुल ध्वस्त हो गया था. इसके बाद 22 जून को सिवान में गंडक नदी पर बना पुल गिर गया. बताया जाता है कि यह पुल करीब 40 से 45 साल पुराना था.